जान के अंजान बनता है,
मेरा मन मुझे परेशान करता है,
जानता है दो पल की है ज़िंदगी,
फिर भी लाखों सवाल करता है,
मेरा मन मुझे परेशान करता है,
दिन में न जानें कहां खोया रहता है,
रात में नींद न आने देता है,
कहां से लाता है इतना प्रश्न,
क्यों इतने सवाल करता है,
मेरा मन मुझे परेशान करता है,
रहना आता नहीं इसे शांत,
पर अपनी बातों से सबको शांत करता है,
मेरा मन मुझे परेशान करता है...
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